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वाल्मीकि रामायण 55.7

ते स अश्व रथ पादाता वसिष्ठेन महात्मना ।
भस्मी कृता मुहूर्तेन विश्वामित्र सुताः तदा ॥१-५५-७॥

पूरा अध्याय