ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5555.28वाल्मीकि रामायण 55.28इति उक्त्वा परम क्रुद्धो दण्डम् उद्यम्य सत्वरः । विधूम इव काल अग्निः यम दण्डम् इव अपरम् ॥१-५५-२८॥पिछलापूरा अध्याय