ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5555.16वाल्मीकि रामायण 55.16यदि तुष्टो महादेव धनुर् वेदो मम अनघ । सा अंग उप अंग उपनिषदः स रहस्यः प्रदीयताम् ॥१-५५-१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय