ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5454.12वाल्मीकि रामायण 54.12इयम् अक्षौहिणी पूर्णा गज वाजि रथ आकुला । हस्ति ध्वज समाकीर्णा तेन असौ बलवत्तरः ॥१-५४-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय