Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 53.12

राजन् दास्यामि शबलाम् राशिभी रजतस्य वा ।
न परित्यागम् अर्हा इयम् मत् सकाशात् अरिन्दम ॥१-५३-१२॥

पूरा अध्याय