ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5252.10वाल्मीकि रामायण 52.10सर्वत्र कुशलम् राजा वसिष्ठम् प्रत्युदाहरत् । विश्वामित्रो महातेजा वसिष्ठम् विनय अन्वितम् ॥१-५२-१०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय