ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5151.23वाल्मीकि रामायण 51.23वसिष्ठस्य आश्रम पदम् नाना पुष्प लता द्रुमम् । नाना मृग गण आकीर्णम् सिद्ध चारण सेवितम् ॥१-५१-२३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय