वाल्मीकि रामायण 50.18
गज तुल्य गती वीरौ शार्दूल वृषभ उपमौ ।
पद्म पत्र विशाल अक्षौ खड्ग तूणी धनुर् धरौ ।अश्विनौ इव रूपेण समुपस्थित यौवनौ ॥१-५०-१८॥
गज तुल्य गती वीरौ शार्दूल वृषभ उपमौ ।
पद्म पत्र विशाल अक्षौ खड्ग तूणी धनुर् धरौ ।अश्विनौ इव रूपेण समुपस्थित यौवनौ ॥१-५०-१८॥