Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 5.13

दुर्ग गंभीर परिखाम् दुर्गाम् अन्यैः दुरासदम् ।
वाजीवारण संपूर्णाम् गोभिः उष्ट्रैः खरैः तथा ॥१-५-१३॥

पूरा अध्याय