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वाल्मीकि रामायण 49.15

स तुषार आवृताम् स अभ्राम् पूर्ण चन्द्र प्रभाम् इव ।
मध्ये अंभसो दुराधर्षाम् दीप्ताम् सूर्य प्रभाम् इव ॥१-४९-१५॥

पूरा अध्याय