ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 4646.9वाल्मीकि रामायण 46.9तपः तस्याम् हि कुर्वत्याम् परिचर्याम् चकार ह । सहस्राक्षो नरश्रेष्ठ परया गुण संपदा ॥१-४६-९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय