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वाल्मीकि रामायण 46.19

भिद्यमानः ततो गर्भो वज्रेण शत पर्वणा ।
रुरोद सुस्वरम् राम ततो दितिः अबुध्यत ॥१-४६-१९॥

पूरा अध्याय