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वाल्मीकि रामायण 45.26

हालाहलम् विषम् घोरम् संजग्राह अमृत उपमम् ।
देवान् विसृउज्य देवेशो जगाम भगवान् हरः ॥१-४५-२६॥

पूरा अध्याय