Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 45.12

कतमो राज वंशो अयम् विशालायाम् महामुने ।
श्रोतुम् इच्छामि भद्रम् ते परम् कौतूहलम् हि मे ॥१-४५-१२॥

पूरा अध्याय