ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 4444.18वाल्मीकि रामायण 44.18कृतोदकः शुची राजा स्वपुरम् प्रविवेश ह । समृद्धार्थो नरश्रेष्ठ स्वराज्यम् प्रशशास ह ॥१-४४-१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय