ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 3939.14वाल्मीकि रामायण 39.14यावत् तुरग संदर्शः तावत् खनत मेदिनीम् । तम् एव हय हर्तारम् मार्गमाणा मम आज्ञया ॥१-३९-१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय