ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 3838.13वाल्मीकि रामायण 38.13मुनेः तु वचनम् श्रुत्वा केशिनी रघुनंदन । पुत्रम् वंश करम् राम जग्राह नृप संनिधौ ॥१-३८-१३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय