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वाल्मीकि रामायण 37.14

समंततः तदा देवीम् अभ्यषिंचत पावकः ।
सर्व स्रोतांसि पूर्णानि गंगाया रघुनन्दन ॥१-३७-१४॥

पूरा अध्याय