ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 3434.9वाल्मीकि रामायण 34.9दिव्या पुण्य उदका रम्या हिमवंतम् उपाश्रिता । लोकस्य हितकार्य अर्थम् प्रवृत्ता भगिनी मम ॥१-३४-९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय