ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 3131.17वाल्मीकि रामायण 31.17तम् व्रजंतम् मुनिवरम् अन्वगात् अनुसारिणाम् । शकटी शत मात्रम् तु प्रयाणे ब्रह्म वादिनाम् ॥१-३१-१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय