ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 3030.17वाल्मीकि रामायण 30.17मानवम् परम उदारम् अस्त्रम् परम भास्वरम् । चिक्षेप परम क्रुद्धो मारीच उरसि राघवः ॥१-३०-१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय