Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 3.24

वालि प्रमथनम् च एव सुगीव प्रतिपादनम् ।
तारा विलापम् समयम् वर्ष रात्र निवासनम् ॥१-३-२४॥

पूरा अध्याय