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वाल्मीकि रामायण 3.17

पादुका अग्र्य अभिषेकम् च नन्दि ग्राम निवासनम् ।
दण्डकारण्य गमनम् विराधस्य वधम् तथा ॥१-३-१७॥

पूरा अध्याय