ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 2828.6वाल्मीकि रामायण 28.6पद्मनाभ महानाभौ दुन्दुनाभ स्वनाभकौ । ज्योतिषम् शकुनम् चैव नैराश्य विमलौ उभौ ॥१-२८-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय