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वाल्मीकि रामायण 26.24

दर्शयन् शब्द वेधित्वम् ताम् रुरोध स सायकैः ।
सा रुद्धा बाण जालेन माया बल समन्विता ॥१-२६-२४॥

पूरा अध्याय