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वाल्मीकि रामायण 25.21

विष्णुना च पुरा राम भृगु पत्नी पतिव्रता ।
अनिन्द्रम् लोकम् इच्छन्ती काव्यमाता निषूदिता ॥१-२५-२१॥

पूरा अध्याय