ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 2323.2वाल्मीकि रामायण 23.2कौसल्या सुप्रजा राम पूर्वा संध्या प्रवर्तते । उत्तिष्ठ नर शार्दूल कर्तव्यम् दैवमाह्निकम् ॥१-२३-२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय