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वाल्मीकि रामायण 22.3

स पुत्रम् मूर्ध्नि उपाघ्राय राजा दशरथः तदा ।
ददौ कुशिक पुत्राय सुप्रीतेन अंतरात्मना ॥१-२२-३॥

पूरा अध्याय