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वाल्मीकि रामायण 2.30

पुनर् अन्तर्गत मना भूत्वा शोक परायणः।
तम् उवाच ततो ब्रह्मा प्रहसन् मुनिपुंगवम् ॥१-२-३०॥

पूरा अध्याय