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वाल्मीकि रामायण 18.20

प्रदेयांश्च ददौ राजा सूत मागध वंदिनाम् ।
ब्राह्मणेभ्यो ददौ वित्तम् गो धनानि सहस्रशः ॥१-१८-२०॥

पूरा अध्याय