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वाल्मीकि रामायण 18.2

समाप्त दीक्षा नियमः पत्नी गण समन्वितः ।
प्रविवेश पुरीम् राजा स भृत्य बल वाहनः ॥१-१८-२॥

पूरा अध्याय