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वाल्मीकि रामायण 18.10

प्रोद्यमाने जगन्नाथम् सर्व लोक नमस्कृतम् ।
कौसल्या अजनयत् रामम् सर्व लक्षण संयुतम् ॥१-१८-१०॥

पूरा अध्याय