ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 1515.28वाल्मीकि रामायण 15.28भयम् त्यजत भद्रम् वो हितार्थम् युधि रावणम् । स पुत्र पौत्रम् स अमात्यम् स मित्र ज्ञाति बान्धवम् ॥१-१५-२८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय