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वाल्मीकि रामायण 14.23

श्लेष्मातकमयः दिष्टो देवदारुमयः तथा ।
द्वावेव तत्र विहितौ बाहु व्यस्त परिग्रहौ ॥१-१४-२३॥

पूरा अध्याय