Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 12.5

सुमंत्र आवाहय क्ष्षिप्रम् ऋत्विजो ब्रह्म वादिनः ।
सुयज्ञम् वामदेवम् च जाबालिम् अथ काश्यपम् ॥१-१२-५॥

पूरा अध्याय