ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 9999.8ऋग्वेद 99.8सु॒त इ॑न्दो प॒वित्र॒ आ नृभि॑र्य॒तो वि नी॑यसे । इन्द्रा॑य मत्स॒रिन्त॑मश्च॒मूष्वा नि षी॑दसि ॥८॥पिछलापूरा अध्याय