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ऋग्वेद 97.4

प्र गा॑यता॒भ्य॑र्चाम दे॒वान्त्सोमं॑ हिनोत मह॒ते धना॑य ।
स्वा॒दुः प॑वाते॒ अति॒ वार॒मव्य॒मा सी॑दाति क॒लशं॑ देव॒युर्न॑ः ॥४॥

पूरा अध्याय