Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 85.5

कनि॑क्रदत्क॒लशे॒ गोभि॑रज्यसे॒ व्य१व्ययं॑ स॒मया॒ वार॑मर्षसि ।
म॒र्मृ॒ज्यमा॑नो॒ अत्यो॒ न सा॑न॒सिरिन्द्र॑स्य सोम ज॒ठरे॒ सम॑क्षरः ॥५॥

पूरा अध्याय