ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 88.7ऋग्वेद 8.7म॒घोन॒ आ प॑वस्व नो ज॒हि विश्वा॒ अप॒ द्विष॑ः । इन्दो॒ सखा॑य॒मा वि॑श ॥७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय