ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 6767.23ऋग्वेद 67.23यत्ते॑ प॒वित्र॑म॒र्चिष्यग्ने॒ वित॑तम॒न्तरा । ब्रह्म॒ तेन॑ पुनीहि नः ॥२३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय