ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 6565.17ऋग्वेद 65.17आ न॑ इन्दो शत॒ग्विनं॒ गवां॒ पोषं॒ स्वश्व्य॑म् । वहा॒ भग॑त्तिमू॒तये॑ ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय