ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 6464.3ऋग्वेद 64.3अश्वो॒ न च॑क्रदो॒ वृषा॒ सं गा इ॑न्दो॒ समर्व॑तः । वि नो॑ रा॒ये दुरो॑ वृधि ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय