Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 64.16

प्र हि॑न्वा॒नास॒ इन्द॒वोऽच्छा॑ समु॒द्रमा॒शव॑ः । धि॒या जू॒ता अ॑सृक्षत ॥१६॥

पूरा अध्याय