ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 6363.17ऋग्वेद 63.17तमी॑ मृजन्त्या॒यवो॒ हरिं॑ न॒दीषु॑ वा॒जिन॑म् । इन्दु॒मिन्द्रा॑य मत्स॒रम् ॥१७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय