ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 6161.8ऋग्वेद 61.8समिन्द्रे॑णो॒त वा॒युना॑ सु॒त ए॑ति प॒वित्र॒ आ । सं सूर्य॑स्य र॒श्मिभि॑ः ॥८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय