Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 61.14

तमिद्व॑र्धन्तु नो॒ गिरो॑ व॒त्सं सं॒शिश्व॑रीरिव । य इन्द्र॑स्य हृदं॒सनि॑ः ॥१४॥

पूरा अध्याय