ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 6161.12ऋग्वेद 61.12स न॒ इन्द्रा॑य॒ यज्य॑वे॒ वरु॑णाय म॒रुद्भ्य॑ः । व॒रि॒वो॒वित्परि॑ स्रव ॥१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय