ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 6060.4ऋग्वेद 60.4इन्द्र॑स्य सोम॒ राध॑से॒ शं प॑वस्व विचर्षणे । प्र॒जाव॒द्रेत॒ आ भ॑र ॥४॥पिछलापूरा अध्याय