Utshovऐप डाउनलोड करें

ऋग्वेद 55.3

उ॒त नो॑ गो॒विद॑श्व॒वित्पव॑स्व सो॒मान्ध॑सा । म॒क्षूत॑मेभि॒रह॑भिः ॥३॥

पूरा अध्याय