ग्रंथऋग्वेदमण्डल 9सूक्त 5252.2ऋग्वेद 52.2तव॑ प्र॒त्नेभि॒रध्व॑भि॒रव्यो॒ वारे॒ परि॑ प्रि॒यः । स॒हस्र॑धारो या॒त्तना॑ ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय